India-China Face Off ( सीमा के दोनों तरफ दुश्मन )

भारत के अंदर और बाहर दोनों तरफ दुश्मन :-

आप हम सब भारत वासी डरना मत , आप आराम कीजिए अपने घर में चाइना की बनी एयर कंडीशनर की ठंडी हवाओं में , मस्त न्यूज और फिल्म का आनंद उठाइए चाइनीज टीवी पर , भारत की सरकार को बैठ के मस्त गाली दीजिए अपने चाइनीज मोबाइल से या उस से भी मन भर जाए तो उसी चाइनीज मोबाइल से चाइनीज ऐप खोलिए टिक टोक और मुजरा शुरू कर दीजिए । 

       आपका क्या जाने वाले है आप तो सबूत मांगने में विश्वाश रखते है ना तो फिर आप ये भी सबूत मांगोगे की भारत के वीर सपूतों ने कितने दुश्मनों को मार गिराया और आप तो देश की सरकार को अभी गाली देने में विश्वाश करोगे की उनके कारण भारतीय सैनिक शहीद हो गए । 

थोड़ी नजर नीचे कर के अपने आप को आईने में देख लो किसी देश की पूरी जनता सीमा पर नहीं जाती है लड़ने वो देश के अंदर ही बैठ कर देश का साथ देती है ,कभी आपने पाकिस्तान जैसे गिरे हुए देश की मीडिया और विपक्ष को भी वहां को सरकार पर सवाल उठाते देखा है क्या भारत के विरूद्ध । नहीं ना तो सोच लीजिए आप किस स्तर के हो गए है अभी । 

आप मुझे गाली मार रहे होंगे कि सरकार क्यू नहीं आयात पर प्रतिबंध लगा देती है तो साहब इतना ज्ञान तो आपको होगा ही कोई भी सरकार जो डब्लयू टी ओ के अंदर आती है वो ऐसा डायरेक्ट किसी भी देश पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती और अपना देश तो पहले से ही दूसरे देशों के आयात निर्यात पर निर्भर है । लेकिन हम जनता तो ऐसा कर सकते है ना आज देख लीजिए आपका हर चीज चाइना पर आधारित हो गया है , जहां पर आपके पास कोई और चारा नहीं है वहां पर अलग बात है मगर चाइनीज ऐप और मोबाइल ,इलेक्ट्रॉनिक सामान इन सब पर तो आप खुद प्रतिबंध लगा सकते है ।

आप सोचते होंगे को आपके अकेले से क्या होगा भाई बहुत कुछ होगा आप 1-1 ही उन पर भारी पड़ रहे है ।

अब आता हूं देश के कुछ प्रबुद्ध लोगों जिनमें नामी गिरामी पत्रकार, जज , नेता , उनके चेले ,कुछ पाकिस्तान प्रस्त देश के अच्छे कॉलेज से फ़्री में बुढ़ापे तक पढ़ाई कर के देश को बाटने चले कुकुरमुत्तों कि शक्ल जैसे बुड्ढे लोगों पर , पहले उनको एक बात बता दू जब चुनाव आयेगा तब आप जरूर मुद्दा उठाना , जम कर कोसना , जम कर समाचार दिखाना , दंगे करना जो डीएनए में है उनके करना मगर अभी उपर वाले के लिए ही सही , देश के शहीद सैनिकों के लिए ही सही अभी अपना मुंह से कुछ अच्छा नहीं बोल सकते तो मुंह तो बंद रखो ।

इतना सबूत हर चीज में जो मांगते हो हमे तो इस बात पर अफसोस हो रहा है कि कहीं अपने मां से अपने बाप का सबूत तो नहीं मांग दिए हो । इतनी खिसियाहट तो इसी बात का सबूत है। 

अब आता हूं एक ही पार्टी पर जो 1962 में भी भारत का साथ नहीं दी थी अब तो उनका जना धार उनके नेताओं की तरह हवा में है फिर भी उनका डीएनए तो चाइना कि पार्टी की तरह है तो वो तो उन्हीं का साथ देंगे । 

हमें सिर्फ अपनी भारतीय जनता से सिर्फ यही अपील है कि याद रखना इन सबको जिन्होंने देश के अंदर से ही बैठ के देश के बाहर के दुश्मन की तरह देश को खोखला करने की जहमत उठाई है , देश के बहादुर सैनिकों के बहादुरी पर शक किया है उनके मनोबल को तोड़ने का काम किया है । जब ये माहौल ठीक हो जाएगा आप इनके नेताओ को तोड देना लाठी से नहीं अपने अधिकारों से ।

इतना याद रखिए जाते जाते की सिर्फ सैनिकों का कर्तव्य नहीं है सीमा पर दुश्मनों से हमारी भारत मा को सुरक्षित रखना अपना भी कर्तव्य है कि देश के अंदर के दुश्मनों को खत्म करना और दुश्मनों के आर्थिक बहिष्कार से उनके रीढ़ की हड्डी तोड़ना ।


देश के सैनिकों के लिए समर्पित एक वीडियो सुना के अलविदा बोलूंगा ।

याद रखियगा भारत विश्व विजेता है और हर समय विजेता ही रहेगा ।

      जय हिन्द जय भारत ।।


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